27.7.23

Q-127 जलते चराग़ रास

जलते चराग़ रास नहीं आते तो,
लौ कम कर दो बुझाओ तो मत।
दिल तोड़ना ही है तो तोड़ डालो,
बारहा मेरा दिल दुखाओ तो मत।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-127

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