25.8.23

Q-131 रुक गई ज़िन्दगी

रुक गई ज़िन्दगी तेरे बग़ैर,
अब इसमें हरकत ही नहीं।
सभी लगने लगे हैं अब ग़ैर,
अब किसी से कुर्बत ही नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-131

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