21.8.23

Q-128 सिर्फ वक़्त ही

सिर्फ़ वक्त ही नहीं बदलता, बातों के मायने भी बदल जाते हैं,

चीज़ें ही नहीं बदल जातीं, उन्हें नापने के पैमाने भी बदल जाते हैं,

मत ढूँढता फिर  तू "अजनबी" लोगों को पुराने पतों पर अब,

हवेलियां ढह जाती हैं, रहने वालों के ठिकाने भी बदल जाते हैं। 

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  Q-128


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