29.6.23

S-273 मेरी शायरी में

मेरी शायरी में ठहराव बहुत हैं, रफ़्तार नहीं है, 
मेरे  ख़्यालात  हैं  जितने, उतने इज़हार नहीं है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-273

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