सेंटीमेंट्स को मारने की कोई दवा है क्या?
मेरे दिल में बहुत सेंटीमेंट्स हो गए हैं।
अगाहे बगाहे मार देता हूँ मैं इन्हें, मगर
बारबार पैदा हो जाते हैं, बड़े ढीठ हो गए हैं।
मेरे दिल में बहुत सेंटीमेंट्स हो गए हैं।
अगाहे बगाहे मार देता हूँ मैं इन्हें, मगर
बारबार पैदा हो जाते हैं, बड़े ढीठ हो गए हैं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-117
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