25.6.23

P-217 माना कि अपने अज़ीज़

माना कि अपने अज़ीज़ कभी भुलाए नहीं जा सकते, मगर
जाने के बाद सदियों उन्हें हम रोते भी तो नहीं जा सकते।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-217

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