4.4.23

S-250 शौके-दीदार में

शौके-दीदार में अपना शौके-इंतज़ार बढ़ता ही गया,
दिन गया, रात गई, जुनूँ लगातार बढ़ता ही गया।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-250

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