8.4.23

Q-107 मैं तेरी निगाहों में

मैं तेरी निगाहों में एक सवाल तो हूँ, 
ज़हन का फ़िज़ूल सा ख़्याल तो हूँ,
तेरे दिल की गहराइयों में मैं न सही, 
हर वक्त मैं तेरे जी का जंजाल तो हूँ.

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-107

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...