26.3.23

S-244 दफ़ना सकते हो

दफ़ना सकते हो तुम जिस्म को, मेरी रूह को नहीं,
अनसुना कर सकते हो मुझे, मेरी ख़ामोशी को नहीं।









-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-244

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