13.3.23

S-241 वफ़ादारी तो यूंही

वफ़ादारी तो यूंही फ़नाह हो जाती है ख़ामोशी में,
बेवफ़ाओं का इश्क़ मे  फिरभी मुक़ाम ख़ास होता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-241

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