6.3.23

S-237 गिर कर हर किसी को

गिर कर हर किसी को चोट नहीं लगती,
शाद रहते हैं कुछ लोग नज़र से गिरकर भी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-237

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