29.3.23

Q-103 अभी तो एक की

अभी तो एक की सज़ा मिली,
अभी तो कई हैं गुनाह बाकी।
अभी न समझो सहर हो गई, 
अभी तो रात  है बहुत बाकी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-103

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