24.3.23

P-202 खामोश होने

ख़ामोश होने से मुहब्बत ख़त्म कहाँ होती है। 
ख़ामोशी से तो मुहब्बत और  जवाँ होती है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-202

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