26.12.22

S-215 आज फिर एक बार

आज फिर एक बार नज़र डाली हाथ की लकीरों पर,
बरसों बाद जब निगाह गई उसकी पुरानी तस्वीरों पर।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-215

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