6.12.22

P-172 तुमने तो सिर्फ़


तुमने तो सिर्फ़ एक मुझको भुला रक्खा है, मगर
मैने तो तुम्हारे वास्ते पूरी दुनियाँ को भुला रक्खा है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-172

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...