तोड़ दिया गया हूँ, बिखेर दिया गया हूँ मैं,
जब भी तय सीमा से बाहर आ गया हूँ मैं,
अजब कायदे कानून लागू हैं मुझ पर,
दुनिया है आज़ाद, कटघरे में आ गया हूँ मैं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-044
जब भी तय सीमा से बाहर आ गया हूँ मैं,
अजब कायदे कानून लागू हैं मुझ पर,
दुनिया है आज़ाद, कटघरे में आ गया हूँ मैं।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-044
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