24.11.22

S-201 यूं तो

यूं तो दुनियाँ में जीने के लिए अब रक्खा क्या है,
चंद ख्वाहिशें ही हैं, ज़िंदा जिन्होंने रक्खा हुआ है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-201

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