7.11.22

Q-082 हर दम दिल पतंग

हर दम दिल पतंग जैसा रहता है,
किसी की डोर से बंधा सा रहता है,
कटफट जाता है उलझ उलझ कर,
फिरभी बेचारा फड़कता रहता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" - Q-082

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