21.11.22

Q-084 नाबूद हो गए

नाबूद हो गए तमाम जज़्बात,
न रही वो बात न वैसे हालात,
दूर तक
 छाई है वीरानगी सी,
ख़त्म हो गई हो जैसे कायनात।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-084

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