21.11.22

P-166 प्रेम अदावतों

प्रेम अदावतों, नफ़रतों, फ़ासलों से कम नहीं होता

हालात के वार से भी कभी जड़ से ख़त्म नहीं होता।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-166

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