20.10.22

S-178 उस वक़्त ज़िन्दगी

उस वक़्त ज़िन्दगी में बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ती है,
जब चोट देने वाले को ख़ुद भी चोट खानी पड़ती है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-178

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