17.10.22

P-145 सुन, मैंने तेरी तलाश

मैंने तेरी तलाश अब बन्द कर दी है,
तू कहीं खोई न थी, बस बदल गई है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-145

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