11.10.22

P-141 सोचा ही नहीं

सोचा ही नहीं बदल जाना कुदरत का नियम है,

ख़ामे-खां गिले शिकवे लोगों से करते चले गए हम।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-141

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