24.6.22

P-122 विचारधारा

विचारधारा भी कैसे बदल जाती है मौसम की तराह।
बदल जाते हैं रंग-ढंग, बन जाता है सफ़ेद भी स्याह।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-122

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