23.6.22

P-117 एक जुनून में

इक जुनून में  इस कदर अदावतें बढ़ाते गए ,
इनके सिवा अब कुछ बचा नहीं ज़िन्दगी में।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-117


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