22.6.22

P-116 दर्दो-ग़म में

दर्दो-ग़म में मुब्तला सभी हैं ज़माने में,
बस कुछ लोग हैं जो लगे हैं उन्हें बढ़ाने में।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-116

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