6.6.22

P-100 जड़ें कितनी

जड़ें कितनी गहरी हैं, पता चल जाएगा,
ज़रा मुझे थोड़ी सी ज़मीन खोदने तो दो।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-100

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...