1.6.22

P-098 पूरे जब दिल

पूरे जब दिल के सभी अरमाँ हो गए,
वक्ते-आख़िरी में तुम भी मुसलमाँ हो गए।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-098

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