24.5.22

T-019 नाराज़ होकर

नाराज़ होकर दूर न जाना, ज़िन्दगी,
कोई तुझे छीन न ले मुझसे ज़िन्दगी,
यहीं रहना मेरे आसपास ऐ ज़िन्दगी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" T-019




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