17.5.22

S-132 वो ज़ख़्म दिखाता

ज़ख़्म कभी दिखाता नहीं, ज़ुबाँ भी यह खोलता नहीं,

बेचारा दिल बस धड़कता है, बेज़ुबाँ कभी बोलता नहीं।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-132

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