24.4.22

Q-057 चाहे कितनी भी

चाहे कितनी भी हो देर-अंधेर,
हिसाब किताब सबका होगा।
कोई कितनी भी करले हेर-फेर,
एकदिन इंसाफ़ सबका होगा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-057

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