1.3.22

S-100 वो ताल्लुक

वो ताल्लुक़ वो सिलसिले सब ख़त्म हो गए धीरे धीरे,
फिरभी मगर आजतक ख़त्म नहीं हुए चर्चे मेरे तेरे।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-100

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