2.2.22

Q-043 न कर ज़िद

न कर ज़िद उसे पाने की जो किस्मत में नहीं,
जैसे तैसे पा भी लिया अगर, तो खोना पड़ेगा। 
न किया कर मजबूर उसे हंसने को 'अजनबी'',
तन्हाई में फिर बहुत देर तक उसे रोना पड़ेगा।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-043

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