16.2.22

K-03 कभी सीमा का

कभी सीमा का उलंघन करना,
कभी सीमा का पालन करना,
कभी सीमा पर घमासान होना,
कभी सीमा पर शांति का होना।

कभी सीमा के अंदर ही रहना,
कभी सीमा को पार कर जाना,
कभी सीमा में बांधना किसी को,
कभी सीमा में खुद बंध जाना।

कभी सीमा को हटा देना, 
कभी सीमा रेखा खींच देना,
कभी सीमा बताना किसी की,
कभी सीमा याद दिला देना।

और कभी सीमा को भूल जाना।
सीमाओं में ही उलझा है ज़माना।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  K-03

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