23.1.22

S-085 एक तंग दायरे में

एक तंग दायरे में ही महदूद रहते थे हम "अजनबी",
फिर हुआ यूं एक ही शख्स ने हमे पूरी दुनियां दिख़ा दी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-085

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