17.1.22

S-078 सच्चाई उड़ा देगी

सच्चाई उड़ा देगी होश मेरे, झूंट ही बोल दो,
मेरे दर्द को और हवा न दो, झूंट ही बोल दो।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-078

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K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...