13.1.22

S-073 दर्द में भी

दर्द में भी तस्कीन सी अब मिलने लगी,
हाले-दिल बयानी पर वाह-वाह जब मिलने लगी।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-073

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