25.1.22

Q-041 चमकता हुस्नो-जमाल

चमकता हुस्नो-जमाल भी क्या शय है,
बिना इसके कोई मुहब्बत नहीं करता।
क्यों करते हैं सब रूहानी इश्क़ की बातें,
जब जिस्म सिवा कोई बात नहीं करता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-041



 

No comments:

Post a Comment

K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...