शायर की शायरी में तो बड़ा दम था,
पर सुनने वालों के पास भेजा कम था,
दिल की ज़ुबाँ से वास्ता नहीं जिनका, वो
पूछें हैं कश्ती डूबी कैसे पानी जहां कम था।
पर सुनने वालों के पास भेजा कम था,
दिल की ज़ुबाँ से वास्ता नहीं जिनका, वो
पूछें हैं कश्ती डूबी कैसे पानी जहां कम था।
-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-037
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