14.1.22

P-044 काश दुनियां में

काश दुनियां में कोई शख्सियत ऐसी भी होती,
वक़्त के साथ जिसकी फ़ितरत न बदली होती।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" P-044


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