7.12.21

P-037 मैं किताबों में

मैं किताबों में  नहीं, ज़मीर में रहता हूँ,
मुझे महसूस करो पढ़ने की ज़रूरत नहीं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  P-037

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