24.11.21

S-052 हम वो मुक़्क़द्दस चराग़ हैं

हम वो मुक़्क़द्दस चराग़ हैं, जहां भी जला दिए जाएंगे,
नाम,पता ,जात पूछे बिन, वहां रोशनी किए जाएंगे।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-052

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K-007 सूरज को मैं

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