19.11.21

S-047 संगदिलों का

संगदिलों का जज़्बात-ओ-ख़्यालात से भला  क्या वास्ता,
वो तो मुजसमा भी नहीं, जब तक तराशा  नहीं जाता।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-047

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