24.11.21

Q-030 रंजो-गम

रंजो- ग़म लेकर दिल खिल नहीं सकता,

गर फट जाए दिल, तो सिल नह सकता,

पत्थर में धड़कन भरने से दिल बनते नहीं,

दूकानों से कोई दिल मिल नहीं सकता।


-वीरेन्द्र सिन्हा "अजनबी" Q-041


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