4.8.21

M-014 किताबो की बातों

किताबों की बातों से हटकर,

कहता मैं सच्ची बात ये खुलकर।

जीवन बड़ा कष्टमय है यदि वो,

जिया जाय भावनाओं में बहकर।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" M-014


 






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