16.7.21

S- 031 हाथ छुड़ाने

हाथ छुड़ाने भर से ताल्लुक ख़त्म नहीं होता,
ख्वाबों-ख्यालों से भी निकलना पड़ता है।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  S-031

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