22.7.21

M-009 बड़े प्यार हैं

बड़े प्यारे हैं बच्चे,
सबके दुलारे हैं बच्चे,
प्रकृति के नज़ारे हैं बच्चे,
मनमोहक फुहारें हैं बच्चे।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  M-009

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K-007 सूरज को मैं

सूरज को मैं समेट लूं, अपने ही आँगन में, चाँद की रौशनी भर लूं अपने ही दामन में। पर्वतों को ध्वस्त कर दूं, जंगल काट डालूँ, मौसम बदल कर 'सू...