12.6.21

Q- 010 तकलीफों को

तकलीफ़ों को याद रखते हैं, राहतों को भूल जाते हैं,
नफ़रतों को याद रखते हैं, मुहब्बतों को भूल जाते हैं,
बहुत बढ़ती जा रही है नाबर्दाश्तगी इस ज़माने में,
लोग मुख़ाल्फ़तें याद रखते हैं हिमायतों को भूल जाते हैं।

-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"  Q-010

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