31.5.21

S- 004 खत्म सी हो

खत्म सी हो रही है जुम्बिश सीने में, किस लिए,

शायद उठके जारहा है कोई कूंचा ऐ दिल से, इस लिए।


-वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" S-004


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K-007 सूरज को मैं

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