न किसी शख्स में चाहने की कूबत है,
न किसी मे चाहत पाने की सलाहियत है।
दौरे-हाज़िर में सब हैं तिजारती लोग,
मौकापरस्तों और खुदगर्ज़ों की सल्तनत है।
न किसी मे चाहत पाने की सलाहियत है।
दौरे-हाज़िर में सब हैं तिजारती लोग,
मौकापरस्तों और खुदगर्ज़ों की सल्तनत है।
वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी" Q-004
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